Thursday, November 19, 2009

भारतीय भाषाओं की कम्प्यूटिंग : लिप्यन्तरण




परसों तथा कल उठाए गए विषय पर अभी विचार विमर्श की प्रक्रिया चल ही रही है, इसी कारण मुझे तद्विषयक सम्बंधित जानकारी के लिए पुन: लिखना आवश्यक लग रहा है |


कल उल्लिखित लिप्यन्तरण संसाधनों के विषय में मेरे एक सम्मानित व सम्बंधित विषय में दिन रात जुटे रहने वाले वरिष्ठ मित्र का ईमेल मिला; जिसका यथावत पाठ यह है -


अरुण को संबोधित कविता जी के इस मेल में भारतीय भाषाओं की लिपियों में लिप्यंतरण के बहुत से रहस्यों को खोला गया है. लेकिन दो प्रश्न मेरे सामने अभी भी अनुत्तरित हैं.


१. सीडैक द्वारा विकसित लीप ऑफ़िस या आई-लीप में उर्दू को छोड़कर अन्य सभी भारतीय भाषाओं की लिपियों में परस्पर लिप्यंतरण की सुविधा सहज ही उपलब्ध थी. जैसे देवनागरी से तेलुगू या फिर तेलुगु से देवनागरी में किसी भी पाठ को सहज रूप में लिप्यंतरित किया जा सकता था. क्या यह सुविधा इसी रूप में आज किसी अन्य सॉफ़्टवेयर में उपलब्ध है? कविता जी द्वारा सुझाए गए उपायों में रोमन से भारतीय भाषाओं की किसी भी लिपि में लिप्यंतरण का सुविधा की बात है.


२. क्या कोई ऐसा सॉफ़्टवेयर है, जिसमें भारतीय भाषाओं की किसी भी लिपि से रोमन में लिप्यंतरण की सुविधा हो. यह सुविधा भी सीडैक द्वारा विकसित लीप ऑफ़िस या आई-लीप में सहज ही सुलभ थी.


कृपया सटीक उत्तर दें.



इस सन्दर्भ में मेरा निवेदन है कि -


पत्र के लिए धन्यवाद|

आप के पत्र में उठाए बिन्दुओं के सन्दर्भ में मुझे यह कहना है कि -


१) ----     मैं कदापि तकनीक-विशेषज्ञ नहीं हूँ अपितु हिन्दी व भारतीय भाषाओं की कम्प्यूटिंग से जुड़े प्रश्नों की दृष्टि से केवल एक साधारण प्रयोक्ता हूँ, जिसने नेट पर हिन्दी प्रयोग के संसाधनों से दो चार होते हुए जितना जिन चीजों को जाना-समझा उन्हें अधिकतम लोगों तक पहुँचाने का यत्न करती रहती हूँ ताकि अधिक से अधिक प्रयोक्ता इन नए संसाधनों के सहयोग से भारतीय विरासत को दीर्घ जीवी व सुरक्षित रखने की दिशा में छोटी से छोटी व बड़ी से बड़ी पहल कर सकें, यत्न कर सकें|


2)---- आप ने लिखा - " कविता जी द्वारा सुझाए गए उपायों में रोमन से भारतीय भाषाओं की किसी भी लिपि में लिप्यंतरण का सुविधा की बात है"



संभवतः मेरे लिखने में कोई बात संप्रेषित होने से रह गई लगती है| अन्यथा मैंने लिखा ही था कि - " यदि यह सामग्री तेलुगु के यूनिकोड फॉण्ट में टाईप है तो उसे देवनागरी में लिप्यन्तरित करना बहुत सरल है | इसके पुनः दो पक्ष हैं ...."



जिस गिरगिट टूल का मैंने उल्लेख किया है उसकी रोमन में टाईप करने जैसी कोई सीमारेखा अथवा बाध्यता नहीं है| उसमें सम्मिलित १० भाषा लिपियों में से किसी भी भाषा की लिपि ( बशर्ते वह यूनिकोड में टाईप हो) को वह चुटकियों में मनचाही लिपि में लिप्यन्तरित कर देता है|



और आप के अनुच्छेद 2) की आवश्यकता " क्या कोई ऐसा सॉफ़्टवेयर है, जिसमें भारतीय भाषाओं की किसी भी लिपि से रोमन में लिप्यंतरण की सुविधा हो", को पूरी तरह संभव कर देता है| मैं कल से आप का ईमेल पाने से अब तक किसी रोमनेतर व हिंदीतर भाषा की साईट खोजने में लगी थी, जिसने यह टूल संस्थापित किया हो, ताकि आप को प्रत्यक्ष दिखाया जा सके| संयोग से मुझे एक ऐसी साईट पंजाबी की मिल गई है, जिसकी पूरी सामग्री गुरुमुखी में है और उसने गिरगिट टूल भी संस्थापित किया हुआ है| आप स्वयं वहाँ जा कर उसे प्रत्यक्ष करें व इस टूल की सहायता से गुरुमुखी की सामग्री को चुटकियों में तेलुगु अथवा किसी भी निर्दिष्ट लिपि में लिप्यन्तरित करें| इस लिप्यन्तरण में देवनागरी अथवा रोमन की कोई बाध्यता नहीं है| मैं उसका लिंक यहाँ दे रही हूँ -


http://www.punjabiaarsi.blogspot.com/


यह गुरुमुखी में लिखा हुआ आरसी नाम का ब्लॉग है| इसके दाहिने साइडबार में Read blog in your language के नीचे अलग अलग भाषा लिपियों के नाम हैं, बस उनमें से चुन कर आप को किसी भी भारतीय भाषा को क्लिक करना है| उदाहरण के लिए आप तेलुगु को क्लिक करेंगे तो गुरुमुखी सीधे तेलुगु में लिप्यन्तरित हो जाएगी|


इसके अतिरिक्त लिप्यन्तरण संबंधी किसी संसाधन की जानकारी किसी मित्र को हो तो कृपया बाँटें|

आशा है मेरा उत्तर पर्याप्त होगा|

सद्भाव सहित
- कविता वाचक्नवी




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